Saturday, February 27, 2016

मैंने देखा है खुद को

मैंने देखा है खुद को,
इक बच्चे सा सुबकते,
किसी कोने में दुबकते,
अहसासों से लड़ते,
हाँ, मैंने देखा है खुद को।

मैंने देखा है खुद को!
कुछ बातों से घबराते,
कुछ लोगों से कतराते,
अँधेरे में छुप जाते,
हाँ, मैंने देखा है खुद को।

मैंने देखा है खुद को,
खोखले नातों को निभाते,
झूठी बातों पर मुस्काते,
कभी रिश्तों में मिट जाते,
हाँ, मैंने देखा है खुद को।

मैंने देखा है खुद को,
हाँ, फिर खुद को समझाते,
हाँ, फिर खुद पर इतराते,
हाँ, फिर खुद का हो जाते,
हाँ, मैंने देखा है खुद को।

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