Tuesday, May 1, 2012

मेरे यार


मैँ जब उदास होता हूँ तो मुझे चिढाते हैँ
मुझे हसानेँ के लिये मेरा मजाक उडाते हैँ
दिल से मुझे जिनसे प्यार है वो मेरे कमीने यार है

बेशर्म बन के जीना आया उनके संग
हर पल को खुल के जीना आया उनके संग

जाने किस दुनिया मेँ खोया मैँ रहता था
हर मुश्किल मेँ संभलना आया उनके ही संग

हमने साथ बांटी अपनी सारी खुशियां
साथ उनका पाकर दूर हुई मेरी कमियां

लेके घूमता था मैँ हजारो चिँताये
चल पङा अपनी ही धुन मेँ छोङ के गम की गलियां

पागलपन्ती करना दुनिया से ना घबराना
ये जिनके विचार है वो मेरे कमीने यार है

2 comments:

  1. दोस्त तो ऐसे ही होते है....
    हर गम में साथ देते है..
    ख़ुशी को और भी बढ़ाते है
    बहुत अच्छी रचना:-)

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  2. बहुत ही खुबसूरत और प्यारी रचना.....

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