Saturday, November 26, 2011

याद

ना चाहकर भी क्यों मैंने चाहा तुझको ღ
हर दुआ में क्यों मैंने माँगा तुझको ♥
एक उम्मीद है तेरा इंतज़ार करता हूँ ღ
ना पाकर भी जाने कैसे खोया तुझको ♥

ख्वाबों में हरपल तुझे ही देखना ღ
आँख खुली तो दूर दूर तक ना पाया तुझको ♥
कैसे करू मैं इज़हार प्यार का ღ
इक लफ्ज़ तक ना बोलना आया मुझको ♥


हर पल तुझे नजरो के सामने रखना चाहता था ღ
देखने को तरस गया एक पल मैं तुझको ♥
तुझे भूलने की बहुत कोशिश की ღ
ऐसा कोई दिन नहीं गया जब याद ना किया तुझको ♥


तेरा हर पल ख़ुशी से भर दूँ ღ
इक बार अपने दिल में बसा के देख मुझको ღ♥
इक बार अपने दिल में बसा के देख मुझको ღ♥

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