Saturday, November 26, 2011

कॉलेज के दिन

वो कड़ी धुप में मुश्किल से कॉलेज आना
थोड़ी देर में कोई बहाना बना के भाग जाना

वो हर रोज बसों में धक्के खाना
वो बच्चो की हड़ताल करना और हल्ला मचाना

टेस्ट का नाम सुनते ही पगला जाना
प्रेक्टिकल के चार दिन पहले सारी क्लास लगाना

"ओये तेरी file और assignment दे दे" बस यही आवाज लगाना
 exams के दिनों में आगे पीछे नजरे घुमाना

question पेपर देख के दिमाग हिल जाना
"ओये मैं इन इन सब्जेक्टस में रह गया" ये सबको बताना

फिर मजाक कर के सबको हसाना
पढने का था बस एक बहाना
कॉलेज तो था मस्ती का खजाना

वो लास्ट नाईट बुक्स के साथ फाईट
पेपर वाले दिन दिमाग हो जाता था टाईट

फिर भी कभी टेंशन नहीं ली इस enggineer ने 

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